Bihar Election 2025:कभी पूरा Bihar अंधेरे में डूबा रहता था। साल 2005 से पहले, बिहार की electricity condition इतनी खराब थी कि राजधानी पटना (Patna) में भी मुश्किल से 7-8 घंटे बिजली की आपूर्ति होती थी। लोग रात में बिजली आते ही मोटर चलाने के लिए दौड़ पड़ते थे, क्योंकि उन्हें भरोसा नहीं था कि अगली बार बिजली कब आएगी।
गांवों की स्थिति तो और भी खराब थी Electric poles पर लगे तार इतने जर्जर थे कि लोग उन पर कपड़े सुखाने के लिए इस्तेमाल करते थे। ट्रांसफार्मर (transformer) अक्सर जल जाते थे और low voltage के कारण बल्ब तक ठीक से नहीं जलते थे।

🔌 2005 से पहले बिहार में बिजली की हालत (Bihar Electricity Condition Before 2005)
वर्ष 2005 से पहले बिहार में maximum electricity supply मात्र 700 मेगावाट तक थी, जबकि state electricity generation लगभग नगण्य था। किसानों (farmers) के लिए कोई dedicated power feeder नहीं था। उद्योग-धंधे (industries) बंद हो चुके थे और economic development of Bihar ठप पड़ गया था।
बिजली चोरी (power theft) आम बात थी और administrative inefficiency के कारण राज्य lantern era (लालटेन युग) में जीने को मजबूर था। प्रति व्यक्ति बिजली खपत (per capita electricity consumption) सिर्फ 75 units थी और total electricity consumers केवल 17 लाख थे।
🌟 परिवर्तन की शुरुआत (The Beginning of Power Reform in Bihar)
24 नवंबर 2005 को जब Nitish Kumar government बनी, तब उन्होंने electricity reform in Bihar का संकल्प लिया। सबसे पहले Bihar State Electricity Board को 31 अक्टूबर 2012 को समाप्त कर 5 power companies बनाई गईं ताकि बिजली वितरण और उत्पादन को आधुनिक बनाया जा सके।
2015 में शुरू हुई “Har Ghar Bijli” (हर घर बिजली) योजना के तहत अक्टूबर 2018 तक हर इच्छुक घर को electric connection दे दिया गया।
⚙️ Bihar Electricity Infrastructure Development
बिजली आपूर्ति मजबूत करने के लिए new grid substations, distribution transformers और high-voltage transmission lines बिछाई गईं।
- अब maximum electricity supply in Bihar बढ़कर 8,000+ मेगावाट हो गई है।
- Electricity generation capacity बढ़कर 8,850 मेगावाट से ज्यादा हो गई है।
- Per capita electricity consumption अब 363 units तक पहुंच गया है।
- Electricity consumers की संख्या 12 गुना बढ़कर 2.25 करोड़ से अधिक हो गई है।
- Power substations की संख्या 172 हो गई है।
- Distribution transformers की संख्या अब 3.5 लाख से ज्यादा है।
🌾 किसानों के लिए सस्ती बिजली (Subsidized Electricity for Farmers)
किसानों को केवल 55 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली दी जा रही है। इसके लिए सरकार ने वर्ष 2024-25 में ₹4,395 करोड़ का अनुदान (subsidy) दिया है।
साथ ही, कृषि कार्यों के लिए dedicated agricultural feeders बनाए गए हैं ताकि खेतों तक सस्ती और स्थायी बिजली पहुंचे।
☀️ Solar Energy Initiative in Bihar
राज्य सरकार अब solar power plants in Bihar पर जोर दे रही है। सरकारी एवं निजी भवनों की छतों पर rooftop solar systems लगाए जा रहे हैं। आने वाले तीन वर्षों में हर घरेलू उपभोक्ता को solar energy connection से जोड़ा जाएगा।
💡 बिजली बिल पर राहत (Electricity Bill Subsidy in Bihar)
बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरकार 2024-25 में ₹15,343 करोड़ का विद्युत अनुदान दे रही है। अब सभी domestic consumers को 125 यूनिट तक free electricity दी जा रही है।
🌈 उजाले की ओर बढ़ता बिहार (Bright Future of Bihar)
आज बिहार में 24×7 electricity supply सुनिश्चित हो चुकी है। गांव से लेकर शहर तक power availability अब स्थिर और विश्वसनीय है।
Lantern era in Bihar अब इतिहास बन चुका है — आज का बिहार “Urjasvit Bihar (ऊर्जस्वित बिहार)” है, जो self-reliant in electricity production बन चुका है।
“हमने जो कहा, उसे पूरा किया — अब बिहार का भविष्य रोशनी से भरा है!”


