स्नूपिंग संभव नहीं, चाहे ऐप रखें या डिलीट कर दें… संचार साथी ऐप पर विपक्ष के आरोपों पर सरकार का जवाब
नई दिल्ली। संचार साथी ऐप (Sanchar Saathi App) को लेकर छिड़ी राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्ष लगातार दावा कर रहा है कि यह ऐप नागरिकों की निजी जानकारी और कॉल डेटा पर निगरानी रखने का माध्यम बन सकता है। वहीं केंद्र सरकार ने विपक्ष के आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हुए साफ कहा है कि स्नूपिंग या जासूसी संभव ही नहीं है, और यूज़र्स चाहें तो ऐप को फोन में रखें या कभी भी डिलीट कर दें।
👉 संचार साथी ऐप क्या है?
संचार साथी ऐप दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा लॉन्च किया गया एक सुरक्षा और सेवा-आधारित सरकारी मोबाइल एप्लिकेशन है। इसका मुख्य उद्देश्य है:
- मोबाइल सिम कार्ड फ्रॉड रोकना
- फर्जी सिम की पहचान करना
- खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन का ट्रैक करना
- यूज़र को डिजिटल सुरक्षा प्रदान करना
सरकार का कहना है कि यह ऐप यूजर डेटा को सुरक्षित रखने के लिए डिज़ाइन किया गया है, न कि स्नूपिंग के लिए।
🎯 सरकार ने क्या कहा?
सरकारी सूत्रों और टेलीकॉम मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार:
- संचार साथी ऐप किसी भी प्रकार की कॉल रिकॉर्डिंग, रियल टाइम लोकेशन ट्रैकिंग या जासूसी नहीं करता
- यह ऐप केवल यूज़र द्वारा स्वयं दी गई जानकारी के आधार पर सेवाएं प्रदान करता है
- ऐप फोन से सिर्फ जरूरी अनुमति (Permissions) लेता है, जो किसी भी सामान्य एप्लिकेशन में होती है
- यदि किसी यूज़र को संदेह हो, तो वह आसानी से ऐप को अनइंस्टॉल या डिलीट कर सकता है
सरकार ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह डर और भ्रम फैलाने की राजनीति कर रहा है।
💬 विपक्ष की आपत्तियाँ
विपक्ष का कहना है:
- ऐप के डेटा परमिशन लोगों की निजता (Privacy) का उल्लंघन कर सकते हैं
- सरकार डिजिटल निगरानी बढ़ा रही है
- आम नागरिकों का डेटा खतरे में पड़ सकता है
इन आरोपों को सरकार ने “भ्रम आधारित राजनीतिक बयानबाजी” बताया है।
📌 क्या कहता है सरकार का तकनीकी पक्ष?
तकनीकी टीम के अनुसार:
- ऐप में इस्तेमाल डेटा एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित है
- डेटा का उपयोग केवल सिम सत्यापन और मोबाइल सुरक्षा के लिए होता है
- ऐप किसी थर्ड पार्टी से डेटा शेयर नहीं करता
सरकार ने कहा कि “स्नूपिंग का सवाल ही नहीं उठता।”
🔐 क्या ऐप अनिवार्य है?
नहीं।
डिजिटल सुरक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया:
- संचार साथी ऐप पूरी तरह वैकल्पिक (Optional) है
- कोई भी नागरिक चाहे तो इसे डाउनलोड करे या न करे
- उपयोग करने के बाद कभी भी डिलीट कर सकता है
📱 जनता के लिए महत्वपूर्ण बातें
✔ कोई सरकारी अधिकारी आपकी कॉल या चैट नहीं देख सकता
✔ ऐप फोन में होने से फर्जी सिम और मोबाइल धोखाधड़ी से सुरक्षा मिलती है
✔ ऐप डिलीट करने से कोई सरकारी रिकॉर्ड या पनिशमेंट नहीं होगी
🏁 निष्कर्ष
संचार साथी ऐप को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच तकनीकी और राजनीतिक बहस जारी है। जहां विपक्ष इसे “निगरानी का उपकरण” बता रहा है, वहीं सरकार का दावा है कि यह ऐप सुरक्षा, पारदर्शिता और डिजिटल सशक्तिकरण का माध्यम है।
सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट कहा:
“स्नूपिंग संभव नहीं। ऐप रखना है तो रखें, नहीं तो डिलीट कर दें — यह नागरिक की स्वतंत्र इच्छा है।”
