पिछले कई महीनों से कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के पेंशनधारकों के बीच न्यूनतम पेंशन बढ़ाए जाने को लेकर चर्चा तेज है। सोशल मीडिया और कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि सरकार Employees’ Pension Scheme (EPS-95) के तहत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन में बड़ा इजाफा कर सकती है। बताया जा रहा है कि मौजूदा ₹1000 मासिक पेंशन को बढ़ाकर ₹7500 प्रति माह करने का प्रस्ताव विचाराधीन है।
अक्टूबर 2025 में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि EPFO की सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हो सकती है। इस बैठक में कई महत्त्वपूर्ण एजेंडा शामिल थे, जिनमें पेंशन सुधार सबसे प्रमुख माना जा रहा था। हालांकि अब तक सरकार या EPFO की ओर से इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि न्यूनतम पेंशन बढ़ाए जाने से लगभग 65 लाख से अधिक पेंशनधारकों को सीधा लाभ मिलेगा। EPS-95 पेंशनधारक लंबे समय से न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। कई बार संगठनों ने दिल्ली और विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन भी किए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, न्यूनतम पेंशन बढ़ाने के लिए वित्तीय भार और फंडिंग मॉडल पर चर्चा चल रही है। अगर सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो पेंशनधारकों की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
फिलहाल EPFO और श्रम मंत्रालय ने इस मुद्दे पर “अभी कोई निर्णय नहीं” की बात कही है, लेकिन माना जा रहा है कि 2025-26 के बजट सत्र से पहले इस पर कोई ठोस घोषणा हो सकती है।
