mohan-bhagwat-modi

Next PM: Narendra Modi के बाद कौन बनेगा पीएम? RSS प्रमुख Mohan Bhagwat ने इशारों-इशारों में दिया बड़ा संकेत

Who Will Become PM After Modi?: देश की राजनीति में एक बड़ा सवाल हमेशा चर्चा में रहता है—नरेंद्र मोदी के बाद भारत का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा? अक्सर यह सवाल तब और तेज़ हो जाता है जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ओर से कोई बयान आता है। हाल ही में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने एक ऐसा बयान दिया जिसने राजनीतिक गलियारों में नई हलचल पैदा कर दी।

⭐मोहन भागवत ने क्या कहा? | Mohan Bhagwat Latest Statement

इस बयान को कई लोग “पोस्ट-मोदी एरा” की तैयारी के रूप में देख रहे हैं।

⭐क्यों बढ़ रही है ‘अगले पीएम’ की चर्चा?

नरेंद्र मोदी लगातार दो बार भारी बहुमत से केंद्र की सत्ता में आए। अब जब BJP और NDA का राजनीतिक प्रभाव चरम पर है, तो यह चर्चा स्वाभाविक है कि आने वाले वर्षों में पार्टी किस चेहरे को आगे बढ़ा सकती है। RSS का बयान इसलिए महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि BJP की नीतियों और नेतृत्व चयन में RSS की भूमिका हमेशा अहम रही है।

⭐संभावित नाम कौन-कौन? (Political Analysis) | Who Will Become PM After Modi?

हालांकि मोहन भागवत ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक कुछ प्रमुख चेहरे चर्चा में हैं:

1. अमित शाह | Amit Shah

लंबे समय से मोदी के सबसे भरोसेमंद साथी। रणनीतिक फैसले, संगठन क्षमता और मजबूत राजनीतिक पकड़ उन्हें सबसे आगे के दावेदारों में रखती है।

2. योगी आदित्यनाथ | Yogi Adityanath

उत्तर प्रदेश में लगातार मजबूत नेतृत्व। उनकी लोकप्रियता और निर्णय क्षमता उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर संभावित उम्मीदवार बनाती है।

3. नितिन गडकरी | Nitin Gadkari

RSS से गहरे संबंध, साफ छवि और सफल प्रशासनिक कार्यशैली के कारण वे भी एक संभावित विकल्प माने जाते हैं।

4. JP नड्डा | JP Nadda

संगठन पर मजबूत पकड़ और शांत नेतृत्व शैली – उन्हें बैकअप लीडरशिप का चेहरा माना जाता है।

RSS के संकेत का मतलब क्या?

भागवत के बयान को इस रूप में भी देखा जा रहा है कि RSS भविष्य की लीडरशिप को किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं रहने देना चाहता। संस्था चाहती है कि आने वाले समय में प्रधानमंत्री का चयन संगठन, विचारधारा और संयुक्त नेतृत्व की प्रक्रिया से हो। इसका मतलब यह भी हो सकता है कि मोदी के बाद बीजेपी एक व्यक्ति-केंद्रित छवि से हटकर एक टीम-केंद्रित नेतृत्व मॉडल अपनाए।

क्या नरेंद्र मोदी ही अगले चुनाव तक चेहरा रहेंगे?

इसमें कोई संदेह नहीं कि 2029 तक का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही संभालते रहेंगे। लेकिन राजनीति में योजना हमेशा लंबी बनती है— और RSS का बयान उसी लंबी रणनीति का एक हिस्सा माना जा रहा है।

मोहन भागवत के बयान ने देश की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है— नरेंद्र मोदी के बाद कौन? हालांकि इसमें अभी समय है, लेकिन यह साफ है कि RSS और BJP दोनों अपनी अगली पीढ़ी की लीडरशिप तैयार कर रहे हैं। जनता के लिए, यह चर्चा आने वाले वर्षों की राजनीति को समझने का एक महत्वपूर्ण संकेत है।

More From Author

Virat Kohli

Virat Kohli: विराट कोहली ने पहला मैच कब खेला, कैसी रही शुरुआत?

किस Vitamin की कमी से जल्दी बूढ़े होने लगते हैं? क्या खाकर पूरी हो सकती है कमी?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *